Saturday, July 10, 2021

AC Ka Full Form क्या होता हैं - AC तथा DC में अंतर

AC Ka Full Form, AC Full Form in Hindi, एसी का फुल फॉर्म क्या होता है, एसी क्या होता है, एसी तथा डीसी क्या होता है, ऐसी का मतलब तथा अर्थ क्या होता है, एसी का प्रयोग तथा एसी से हानि इत्यादि जैसे प्रश्नों के उत्तर आपको इस आर्टिकल में मिल जाएंगे। 

क्या आप एसी का फुल फॉर्म या एसी से संबंधित किसी भी प्रकार के प्रश्न के उत्तर के लिए इस ब्लॉग पर आए हैं, अगर आप एसी से संबंधित किसी भी प्रकार के प्रश्न के उत्तर के लिए हमारे इस ब्लॉग पर आए हैं तो आप बिल्कुल सही जगह पर आ गए हैं। 

आज इस आर्टिकल में हम एसी से संबंधित बहुत सी प्रकार की जानकारियों को देने वाले हैं, बस आप हमारे इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें। मैं वादा करता हूं दोस्तों हमारा यह आर्टिकल पढ़कर आपके मन में एसी तथा डीसी से संबंधित जितने भी प्रश्न होंगे आपको उन सारे प्रश्नों के उत्तर मिल जाएंगे। 

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AC Ka Full Form :- 

AC का फुल फॉर्म "Alternate Current" होता हैं, इसे हम 'अल्टरनेट करंट' कहते हैं। 

  • A - Alternate 
  • C - Current. 


AC Full Form in Hindi :-

एसी का फुल फॉर्म 'अल्टरनेट करंट' होता है, इसे हिंदी भाषा में "प्रत्यावर्ती धारा" कहते हैं।

  • A - Alternate (प्रत्यावर्ती)
  • C - Current (धारा)
प्रत्यावर्ती धारा को ही एसी का हिंदी फुल फॉर्म कहा जाता है। 


AC क्या हैं :- 

Alternate Current यानी AC एक विद्युत प्रवाह होती है, यह प्रवाह के रूप में लगातार अपनी दिशा बदलती रहती है।प्रत्यावर्ती धारा एक निश्चित समय अंतराल के बाद अपनी डायरेक्शन तथा वैल्यू को बदलते रहते हैं इसलिए इसको हम 'Alternating Current' भी कहते हैं। 

अल्टरनेटिंग करंट में बहुत अधिक मात्रा में बिजली पैदा की जा सकती है, अल्टरनेटिंग करंट यानि AC में 33000 Volt तक बिजली पैदा की जा सकती है। अल्टरनेटिंग करंट को बहुत ही आसानी के साथ बनाया जा सकता है इसलिए यह करंट ज्यादा महंगी नहीं होती है, अल्टरनेटिंग करंट का सबसे बड़ा फायदा यह हैं कि इस करंट को हम ट्रांसफार्मर की मदद से कम या ज्यादा भी कर सकते हैं। 

अल्टरनेटिंग करंट को हम एक स्थान से दूसरे स्थान तक बहुत ही आसानी के साथ भेज सकते हैं तथा इसके वोल्टेज को हम अपनी आवश्यकता के अनुसार कम या ज्यादा भी कर सकते हैं। 


AC के उदाहरण :- 


हमारे द्वारा घरों में जो बिजली प्रयोग की जाती है उसे ही अल्टरनेटिंग करंट यानि एसी कहा जाता है, अल्टरनेटिंग करंट की मदद से हम बल्ब, फ्रिज, कूलर, वाशिंग मशीन, मोटर इत्यादि को चला सकते हैं। 

आज के समय में मनुष्य के जीवन के लिए तथा आधुनिक यंत्रों को चलाने के लिए एसी एक बहुत ही जरूरी अंग बन गया है। 


AC का प्रयोग :- 

अल्टरनेटिंग करंट यानी एसी का प्रयोग बहुत से क्षेत्रों में किया जाता है, आज के समय में बहुत से ऐसे कार्य है जो बिना अल्टरनेटिंग करंट कैसे संभव ही नहीं है। 

आज के समय में अल्टरनेटिंग करंट का प्रयोग हर एक क्षेत्रों में बहुत ज्यादा ही किया जा रहा है, अल्टरनेटिंग करंट का प्रयोग कहां पर होता है आइए इसके बारे में जानते हैं-

  • अल्टरनेटिंग करंट का प्रयोग घर में लगे बल्बों, फ्रिज, कूलर, वाशिंग मशीन, मोटर तथा हीटर इत्यादि को चलाने के लिये होता है। 
  • बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियों तथा कंपनियों में लगी मशीनों को चलाने के लिए भी अल्टरनेटिंग करंट का प्रयोग किया जाता है। 
  • आज के समय में तो अल्टरनेटिंग करंट का प्रयोग रेलगाड़ियों को चलाने में भी किया जाता है। 
इन सबके अलावा अल्टरनेटिंग करंट का प्रयोग और भी बहुत से क्षेत्रों में तथा विभिन्न प्रकार के कार्यों को करने में किया जाता है। 



AC से हानियां :- 

अल्टरनेटिंग करंट अर्थात एसी से हमें फायदे तो बहुत से होते हैं परंतु इससे हमें कुछ हानियां भी होती है, एसी से हमें जो हानियां होती है वो निम्न प्रकार से हैं- 

  • अल्टरनेटिंग करंट एक बहुत ही खतरनाक करंट होता है इसकी चपेट में आने पर व्यक्ति की जान भी जा सकती है। 
  • इस करंट का प्रयोग करते समय हमें बहुत ही सावधानियां बरतनी पड़ती है थोड़ी सी गलती होने पर एक बहुत बड़ी दुर्घटना हो सकती है। 
  • इस करंट का परिवहन बहुत ही खर्चीला होता है अर्थात इस करंट के परिवहन में बहुत खर्च होता है।


Current के प्रकार :- 

करंट दो प्रकार के होते हैं, जो निम्न प्रकार से है-

  1. Alternating Current (AC)
  2. Direct Current (DC)

1. Alternating Current (AC) :- 

अल्टरनेटिंग करंट को हम हिंदी भाषा में प्रत्यावर्ती धारा भी कहते हैं, प्रत्यावर्ती धारा एक विद्युत प्रवाह होती है जो लगातार एक निश्चित समय अंतराल के बाद अपनी दिशा तथा वैल्यू को बदलती रहती है। 


उदाहरण :- 

घरों में प्रयोग होने वाले बल्ब, फ्रिज, वाशिंग मशीन, कूलर इत्यादि को चलाने में जिन करंट का प्रयोग किया जाता है उसे अल्टरनेटिंग करंट या प्रत्यावर्ती धारा कहते हैं। 



2. Direct Current (DC) :- 

डायरेक्ट करंट को हम हिंदी भाषा में दिष्ट धारा/ प्रत्यक्ष धारा भी कहते हैं, प्रत्यक्ष धारा एक ऐसी विद्युत धारा होती है जो हमेशा एक ही दिशा में बहती है। इसमें हम केवल 650 Volt तक की बिजली का उत्पादन कर सकते हैं। 


उदाहरण :- 

हमारे द्वारा प्रयोग किए जाने वाले मोबाइल फोन की बैटरी में जो करंट होती है उसे डायरेक्ट करंट यानी दिष्ट धारा कहते हैं। इसके अलावा रेडियो, कम्प्यूटर को चलाने में जिस करंट का उपयोग होता हैं उसे दिष्ट धारा ही कहते हैं। 


AC तथा DC में अंतर :- 

अल्टरनेटिंग करंट यानी प्रत्यावर्ती धारा तथा डायरेक्ट करंट मतलब दिष्ट धारा में बहुत से अंतर होते हैं, इन दोनों में जो अंतर होते हैं उनमें से कुछ निम्न प्रकार से है- 

  • AC का फुल फॉर्म Alternating Current तथा DC का फुल फॉर्म Direct Current होता हैं। 
  • अल्टरनेटिंग करंट को हिंदी में प्रत्यावर्ती धारा तथा डायरेक्ट करंट को हिंदी में दिष्ट धारा या प्रत्यक्ष धारा कहते हैं। 
  • प्रत्यावर्ती धारा यानी एसी की धारा एक निश्चित समय अंतराल के बाद अपनी दिशा तथा अपनी वैल्यू को बदलती रहती है तथा दिष्ट धारा यानी डीसी हमेशा एक ही दिशा में बहती रहती है। 
  • प्रत्यावर्ती धारा की मदद से हम बल्ब, फ्रिज, कूलर इत्यादि को चलाते हैं जबकि दिष्ट धारा की मदद से हम अपने मोबाइल फोन, रेडियो, कम्प्यूटर इत्यादि को चलाते हैं। 



AC DC Ka Full Form :- 

AC का फुल फॉर्म "Alternate Current" तथा DC का फुल फॉर्म "Direct Current" होता हैं। 


AC के अन्य फुल फॉर्म्स :-

AC के बहुत से फुल फॉर्म्स होते हैं, जिनमे से कुछ के नाम निम्नलिखित प्रकार से हैं-

  • AC - Air Conditioning
  • AC - Acoustic Coupler
  • AC - Advisory Circular
  • AC - Advanced Audio Coding
  • AC - Automatic Callback
  • AC - All Clear
  • AC - Authentication Center
  • AC - Auto Configuration
  • AC - Area Code 
  • AC - Application Context
  • AC - Active Count
  • AC - Audio Code
  • AC - Automatic Control
  • AC - Always Crap
इसके अलावा AC के और भी बहुत से फुल फॉर्म्स होते हैं। 



निष्कर्ष :- 

इस आर्टिकल को पढ़कर यही निष्कर्ष निकलता है कि प्रत्यावर्ती धारा अर्थात एसी एक ऐसी धारा होती है जिसकी मदद से हम बहुत अधिक मात्रा में बिजली का उत्पादन कर सकते हैं।

आज के समय में हर एक क्षेत्र में प्रत्यावर्ती धारा का उपयोग किया जा रहा है इसकी मदद से हम लगभग सभी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक से संबंधित कार्यों को करते हैं। 

इसके बारे में पढ़कर यह कहा जा सकता है कि आज के समय में इस दुनिया को इतना ज्यादा आगे तथा एडवांस बनाने में प्रत्यावर्ती धारा का एक बहुत बड़ा योगदान रहा है। 


आज आपने क्या सीखा :- 

आज इस आर्टिकल में हमने प्रत्यावर्ती धारा अर्थात एसी से संबंधित जानकारियों को प्राप्त किया, इस आर्टिकल में हमने ac ka full form, ac क्या हैं, ac का प्रयोग, ac से हानियाँ तथा इसके अलावा डीसी तथा एसी और डीसी में अंतर इत्यादि के बारे में जानकारी प्राप्त की। 

दोस्तों अगर आपने हमारे इस आर्टिकल को पूरा पढ़ा होगा तो अब तक आपको ac तथा dc से संबंधित बहुत-सी प्रकार की जानकारियां प्राप्त हुई होंगी तथा मैं आशा करता हूं दोस्तों आपको उस प्रश्न का उत्तर भी मिल गया होगा जिसके लिए आप हमारे इस ब्लॉग पर आए थे। 

हमारे द्वारा दी गई यह जानकारी आपको कैसी लगी हमें नीचे कमेंट करके जरूर बताएं तथा यदि हमारे इस आर्टिकल संबंधित आपके मन में कोई प्रश्न है जो आप हमसे पूछना चाहते हैं तो हमें कमेंट के माध्यम से जरूर बताएं। अगर आप हमारे इस ac से संबंधित आर्टिकल पर हमें कोई सुझाव देना चाहते हैं तो आप हमें कमेंट के द्वारा जरूर बताएं, मुझे आपके फीडबैक का इंतजार रहेगा। 

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