Friday, July 9, 2021

BEO का फुल फॉर्म क्या होता हैं - BEO क्या हैं

BEO Full Form, बीईओ का फुल फॉर्म क्या होता है,  बीईओ क्या होता है, बीईओ का मतलब क्या होता है, बीईओ का हिंदी में अर्थ, बीईओ का पूरा नाम क्या होता है, बीईओ अधिकारी बनने के लिए योग्यता, बीईओ अधिकारी कैसे बने इत्यादि जैसे प्रश्नों के उत्तर आपको इस आर्टिकल में मिल जाएंगे। 

दोस्तों क्या आप बीईओ फुल फॉर्म या फिर बीईओ से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए हमारे इस ब्लॉग पर आए हैं, यदि आप बीईओ से संबंधित किसी भी प्रकार के प्रश्न के उत्तर के लिए हमारे इस ब्लॉग पर आए हैं तो आप बिल्कुल सही जगह आ गए हैं। 

आज इस आर्टिकल में हम बीईओ से मिलती-जुलती सभी प्रकार की जानकारियों को देने वाले हैं बस आप हमारे इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें। मैं वादा करता हूं हमारा यह आर्टिकल बीईओ फुल फार्म को पढ़कर आपके मन में बीईओ से संबंधित जितने भी प्रश्न होंगे आपको उन सारे प्रश्नों के उत्तर मिल जाएंगे।

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BEO Full Form :-

BEO का फुल फॉर्म "Block Education Officer" होता हैं जिसे हम हिंदी भाषा में 'खंड शिक्षा अधिकारी' भी कहते हैं। बीईओ का पद एक सम्मानजनक पद होता है इस पोस्ट पर रहने वाले अधिकारी को एक अच्छी खासी सैलरी भी दी जाती है। 

  • B - Block (खंड)
  • E - Education (शिक्षा)
  • O - Officer (अधिकारी)


BEO क्या हैं :- 

Block Education Officer अर्थात BEO एक सरकारी पद होता हैं इस पद की नौकरी पाने के लिए आपको परीक्षा देनी पड़ती है। खंड शिक्षा अधिकारी का काम बहुत ही जिम्मेदारी वाला काम होता है, इनका कार्य अपने ब्लॉक में शिक्षा स्तर की दर को बढ़ाना होता है तथा सरकार द्वारा लायी गयी किसी भी परियोजना को सुचारू रूप से अपने ब्लॉक में संचालित करना होता है। 

एक खंड शिक्षा अधिकारी अपने ब्लॉक की शिक्षा व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी उठाता है, खंड शिक्षा अधिकारी का यह कार्य होता है कि उनके ब्लॉक में जितने भी स्कूल या कॉलेज है उन स्कूल/कॉलेज में अच्छी पढ़ाई हो रही है कि नहीं यह सुनिश्चित करना होता है तथा सरकार द्वारा लाई गई कोई परियोजना को उन विद्यालयों में लागू करना होता है। 

एक खंड शिक्षा अधिकारी की यह जिम्मेदारी होती है कि उनके ब्लॉक में जितने भी सरकारी स्कूल या कॉलेज मौजूद है उनके लिए किताबों तथा शिक्षकों की अच्छी व्यवस्था कराएं तथा अपने ब्लॉक में नीतियों तथा व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करें। 

जब किसी ब्लॉक में परीक्षा का आयोजन होता है तो उस परीक्षा की जिम्मेदारी भी खंड शिक्षा अधिकारी के पास ही रहती है, एक खंड शिक्षा अधिकारी यह जांच करता है उनके ब्लॉक में शिक्षा से संबंधित किसी भी परियोजनाओं को गलत तरीके से तो नहीं इस्तेमाल किया जा रहा है तथा वहां पर कोई भ्रष्टाचार तो नहीं किया जा रहा है। 

सरकार द्वारा संचालित किए गए शिक्षा से संबंधित किसी भी प्रकार की परियोजना को ब्लॉक में उपस्थित सभी स्कूल/कॉलेजों को सरकार द्वारा लायी गयी योजनाओं का लाभ दिलाने का कार्य खंड शिक्षा अधिकारी का होता है।


BEO का मतलब :- 

बीईओ का फुल फॉर्म ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर होता है जिसे हम हिंदी में खंड शिक्षा अधिकारी कहते है। बीईओ के पद को ब्लॉक स्तर में उपस्थित पदों में से एक प्रतिष्ठित पद माना जाता है। बीईओ का पद एक ऐसा पद होता है जिसके द्वारा शिक्षा प्रशासन तथा विद्यालयों के के बीच किए जाने वाले पूरे कार्यो की रूपरेखा तय की जाती है।

खंड शिक्षा अधिकारी अपने ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले सभी अध्यापकों, प्रधानाध्यापकों, जूनियर तथा प्राइमरी हाईस्कूल की जाँच कर सकता हैं, इन्हे इसका अधिकार प्रदान किया गया होता हैं इसके अलावा यदि इन्हे इस जांच में कोई कमी मिलती है तो ये उस कमी में सुधार कराने का भी काम कराते है। 



BEO बनने के लिए योग्यता :- 

खंड शिक्षा अधिकारी बनने के लिए आपसे कुछ योग्यताएं मांगी जाती है, खंड शिक्षा अधिकारी बनने के लिए आपसे जो योग्यताएं मांगी जाती है वो निम्न प्रकार से है- 

  • खंड शिक्षा अधिकारी बनने के लिए आपको किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से तथा किसी भी विषय से अपनी 12वीं की पढ़ाई पास करनी होती हैं। 
  • 12वीं में आपके कम से कम 50% अंक होने चाहिए। 
  • आपके पास किसी भी कॉलेज या यूनिवर्सिटी से तथा किसी भी विषय से पास की गई ग्रेजुएशन का सर्टिफिकेट होना चाहिए। 
  • अभी जल्द में ही कुछ समय पहले इसके योग्यताओं में कुछ बदलाव किया गया है जिसमें यह कहा गया है कि यदि आप खंड शिक्षा अधिकारी बनना चाहते हैं तो आपके पास B.Ed की डिग्री होनी चाहिए और यदि आपने B.ED नहीं किया है तो आपके पास किसी भी सरकारी शिक्षा प्रशिक्षण केंद्र या किसी ट्रेनिंग कॉलेज से L.T Diploma का कोर्स होना चाहिए।



खंड शिक्षा अधिकारी बनने के लिए उम्र सीमा (Age Limit) :- 

खंड शिक्षा अधिकारी बनने के लिए न्यूनतम तथा अधिकतम उम्र सीमा की एक लिमिट रखी गई है, जो कि इस प्रकार से हैं-

  • खंड शिक्षा अधिकारी का पद प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु  21 वर्ष तथा अधिकतम आयु 40 वर्ष होनी चाहिए। इसके अलावा SC/ST तथा OBC वर्ग  के उम्मीदवारों को नियमानुसार कुछ छूट भी दी जाती है। 


खंड शिक्षा अधिकारी की चयन प्रक्रिया :- 

सबसे पहले में आपको बता दूँ कि खंड शिक्षा अधिकारी एक सिविल सर्विसेज का एक पद होता है तथा आपको पता ही होगा कि प्रत्येक सिविल सर्विस के लिए परीक्षा देनी पड़ती है। 

सबसे पहले आपको यूपीएससी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर इस पद लिए आवेदन करना पड़ता है, इस पद के लिए प्रत्येक साल परीक्षा आयोजित कराई जाती है। खंड शिक्षा अधिकारी पद के लिए तीन चरणों में परीक्षाएं कराई जाती है तथा आप को इन तीनों चरणों की परीक्षाओं को पास करना होता है। 

इसके पहले चरण में जो परीक्षा होती है उसे प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Exam) तथा द्वितीय चरण में जो परीक्षा होती है उसे मुख्य परीक्षा (Mains Exam) तथा तृतीय चरण में आपका साक्षात्कार (Interview) होता हैं। परंतु वर्तमान समय में तृतीय चरण की परीक्षा अर्थात साक्षात्कार (Interview) को हटा दिया गया है। जब आप इन तीनों चरणो की परीक्षा में पास हो जाते हैं तभी आप इस पद के योग्य होते हैं। 



1. प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Exam) :- 

प्रारंभिक परीक्षा में कुल 120 प्रश्न होते हैं ये सारे प्रश्न बहुविकल्पीय टाइप के होते हैं इन प्रश्नों को हल करने के लिए आपको 2 घंटे का समय दिया जाता है। इसमें प्रत्येक प्रश्न ढाई-ढाई नंबर के होते हैं अर्थात यह परीक्षा कुल 300 अंकों के लिए होती है। 

इस परीक्षा में एक प्रश्न रहता है तथा उसके चार उत्तर दिए रहते हैं आपको उनमें से किसी एक को सिलेक्ट करके उस पर टिक करना होता है। प्रारंभिक परीक्षा को पास करने के बाद ही मेंस परीक्षा में जाने का मौका मिलता है। 


प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Exam) का सिलेबस :- 

प्रारम्भिक परीक्षा का सिलेबस इस प्रकार से हैं-

  • General Knowledge
  • Indian History
  • General Science
  • Current Affairs
  • Indian Economics
  • Indian Geography
  • Indian Politics
  • Indian National Movement
  • Word Geography
  • Indian Population


2. मुख्य परीक्षा (Mains Exam) :- 

मुख्य परीक्षा में 2 पेपर होते हैं तथा दोनों परीक्षाएं 200-200 अंकों के लिए कराई जाती हैं।पहले वाले पेपर में आपसे जनरल नॉलेज तथा करंट अफेयर्स के प्रश्न पूछे जाते हैं ये सारे प्रश्न ऑब्जेक्टिव टाइप के होते हैं। दूसरे पेपर में आपसे हिंदी के प्रश्न पूछे जाते है इसमें आपसे हिंदी निबंध तथा हिंदी से संबंधित और बहुत से प्रश्न पूछे जाते हैं, इसके दूसरे पेपर में कुल 40 लॉन्ग प्रश्न पूछे जाते है। 

इस परीक्षा में 10 ऐसे प्रश्न ऐसे प्रश्न होते हैं जिनका उत्तर आपको 125 शब्दों में देना होता है तथा 10 प्रश्नों का उत्तर 50 शब्दों में देना होता है और बाकी के 20 प्रश्नों का उत्तर आपको 25 शब्दों में देना होता है। हिंदी वाले प्रश्न में आपसे निबंध पूछे जाते हैं तथा इन निबंधों को आपको 700 शब्दों में लिखना होता है।



मुख्य परीक्षा (Mains Exam) का सिलेबस :- 

इसके मुख्य परीक्षा का सिलेबस इस प्रकार से है-

  • Hindi 
  • English 
  • History 
  • General Science 
  • Economics 
  • Geography 
  • Indian State 
  • Word History 
  • National Movement 
  • Current Affairs 
  • General Computer Knowledge 
  • Indian Education System
  • Indian Culture etc

इन दोनों चरणों की परीक्षाएं पास कर लेने के बाद एक मेरिट बनाई जाती है तथा उस मेरिट के हिसाब से ही विद्यार्थियों का चयन किया जाता है। यदि उस मेरिट लिस्ट में आपका नाम आता है तो आपको इस पद की नौकरी दे दी जाती है। 

इस पद के लिए कंपटीशन बहुत ज्यादा है तथा इसकी परीक्षा भी कठिन होती है इसीलिए यदि आप इस पद को प्राप्त करना चाहते हैं तो इसके लिए आप अभी से कड़ी मेहनत करें और अच्छे से पढ़ाई करके इसकी तैयारी करें।



खंड शिक्षा अधिकारी के कर्तव्य तथा अधिकार :- 

एक खंड शिक्षा अधिकारी के जो कर्तव्य तथा अधिकार होते हैं वह निम्न प्रकार से हैं-

  • खंड शिक्षा अधिकारी का कार्य विकासखंड, क्षेत्र पंचायत, अध्यापको की सूची तैयार करना होता है। 
  • अध्यापक तथा अध्यापिकाओं की प्रोन्नति के लिए प्रस्ताव एवं अभिलेख बीएसए के समक्ष प्रस्तुत करना। 
  • विद्यालयों के लिए ब्लैक बोर्ड तथा अन्य सामग्री उपलब्ध कराना। 
  • छात्र की संख्या के मानक के आधार पर अध्यापकों की पद स्थापना के लिए बीएसए को प्रस्ताव भेजना। 
  • स्कूल या कॉलेज की समस्त छात्रविधियों की सूचित व्यवस्था करना तथा उनका दुरुपयोग होने से रोकना। 
  • विकासखंड तथा क्षेत्र पंचायत में सभी की शिक्षा व्यवस्था की सुविधा के लिए शैक्षिक नियोजन करना। 
  • सभी प्रकार के परीक्षाओं की नियमानुसार व्यवस्था करना। 
इन सबके अलावा एक खंड शिक्षा अधिकारी के और भी बहुत से कर्तव्य तथा अधिकार होते हैं। 


खंड शिक्षा अधिकारी का वेतन (Salary) :- 

खंड शिक्षा अधिकारी को सरकार के सातवें वेतन के आधार पर वेतन (salary) दिया जाता है। इसके अनुसार एक खंड शिक्षा अधिकारी को प्रतिमाह ₹9300 से लेकर ₹34800 के मध्य में सैलरी दी जाती हैं। इन सबके अलावा एक खंड शिक्षा अधिकारी को ग्रेड पे के तौर पर प्रतिमाह ₹4800 दिया जाता है। 


सैलरी - (9300-34800) रूपये/प्रतिमाह + 4800 रुपया पे 


आज आपने क्या सीखा :- 

आज इस आर्टिकल में हमने बीईओ से संबंधित बहुत-सी प्रकार की जानकारियों को प्राप्त किया, इस आर्टिकल में हमने बीईओ फुल फॉर्म, बीईओ का मतलब, बीईओ क्या हैं, बीईओ बनने के लिये योग्यता, इसकी चयन प्रक्रिया तथा बीईओ के वेतन के बारे में जानकारी प्राप्त की। 

दोस्तों अगर आपने हमारे इस beo full form आर्टिकल को पूरा पढ़ा होगा तो अब तक आपको बीईओ से संबंधित बहुत-सी जानकारी प्राप्त हुई होंगी तथा मैं आशा करता हूं दोस्तों आपको उस प्रश्न का उत्तर भी मिल गया होगा जिसके लिए आप हमारे इस आर्टिकल को पढ़ रहे थे। 

दोस्तों हमारा यह आर्टिकल आपको कैसा लगा हमें कमेंट के द्वारा जरूर बताएं तथा यदि हमारे इस आर्टिकल से संबंधित आपके मन में कोई प्रश्न है जो आप हम से पूछना चाहते हैं तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं, दोस्तों मुझे आपके फ़ीडबैक का बेसब्री से इंतजार रहेगा। 

यदि आप हमारे इस बीईओ से संबंधित आर्टिकल पर हमें कोई सुझाव देना चाहते हैं या आप हमसे बातें करना चाहते हैं तो वह भी हमें कमेंट करके जरूर बताएं।

यदि हमारे द्वारा दी गई ये बीईओ से संबंधित जानकारी आपको पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ तथा सोशल नेटवर्किंग साइट पर भी शेयर करें। इसी प्रकार की जानकारियों को पाने के लिए आप हमारे इस ब्लॉग www.Hindima.in पर रेगुलर प्रकार से विजिट करते रहें (धन्यवाद)

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