Tuesday, July 6, 2021

जीपीएस (GPS) का फुल फॉर्म - GPS किस प्रकार से काम करता हैं

क्या आप gps ka full form जानते हैं? आज के समय में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसने जीपीएस के बारे में ना सुना हो। क्या आप जीपीएस का फुल फॉर्म या फिर जीपीएस से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए हमारे इस ब्लॉग पर आए हैं। 

यदि आप जीपीएस से संबंधित किसी भी प्रकार के प्रश्न के उत्तर के लिए हमारे इस ब्लॉग पर आए हैं तो आप बिल्कुल सही जगह आ गए हैं। आज इस आर्टिकल में हम जीपीएस से संबंधित सभी प्रकार की जानकारियों को देने वाले हैं बस आप हमारे इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें। 

मैं वादा करता हूं हमारा यह आर्टिकल पढ़कर जीपीएस से संबंधित आपके मन में जितने भी प्रश्न होंगे आपको उन सारे प्रश्नों के उत्तर मिल जाएंगे। आइए शुरू करते हैं और जीपीएस के बारे में डिटेल्स में जानकारी प्राप्त करते हैं-


gps-full-form

GPS Ka full form :-

GPS का फुल फॉर्म "Global Positioning System" होता हैं, इसे हम हिंदी में 'ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम' भी कहते हैं। 

  • G - Global
  • P - Positoning
  • S - System


GPS Full Form in Hindi :-

हिंदी में जीपीएस का फुल फॉर्म "ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम" होता है, जीपीएस के अंग्रेजी शब्द के फुल फॉर्म का हिंदी ट्रांसलेट इसका हिंदी में फुल फॉर्म होता है।

जीपीएस की मदद से दुनिया में कोई भी व्यक्ति कहीं पर भी, कभी भी अपनी पोजीशन की जानकारी ले सकता है। अर्थात जीपीएस एक ऐसा सिस्टम होता है जिसकी सहायता से हम कहीं पर भी किसी भी समय अपनी पोजीशन की जानकारी ले सकते हैं। 


जीपीएस (GPS) क्या हैं :-

जैसा कि मैंने ऊपर आपको बताया कि जीपीएस का फुल फार्म ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम होता है। जीपीएस एक रेडियो नेविगेशन प्रणाली होती है जो विश्व में कभी भी सभी प्रकार के मौसम की स्थिति में जैसे ज़मीन, हवाई तथा समुद्र उपयोगकर्ताओं को उनके सटीक स्थान, वेग तथा दिन के 24 घंटे का समय निर्धारित करने की अनुमति प्रदान करता है।

आप इसको इस प्रकार भी समझ सकते हैं कि यह एक उपग्रह नेविगेशन प्रणाली होती है जिसका उपयोग किसी विशेष स्थान तक पहुंचने के लिये, सटीक स्थान तक पहुंचने के लिये, वेग तथा समय जानने के लिये किया जाता है। 



जीपीएस (GPS) का इतिहास :-

सन 1973 में department of Defence (U.S) द्वारा इस प्रोजेक्ट (GPS) को लांच किया गया था। सन 1995 में यह operation में लाया गया।

यह सुविधा पहले आम नागरिको के लिये उपलब्ध नहीं थी, पहले ये केवल U.S (अमेरिका) की आर्मी के उपयोग के लिये ही इसका उपयोग किया जाता था। 

इसके बाद जब इस सुविधा को आम नागरिको के लिये उपलब्ध कराया गया तो इसकी क्वालिटी कम करके उयलब्ध कराया गया। कुछ समय बाद सन 2000 में इसको आम नागरिको (public) के लिये भी उपलब्ध करा दिया गया।


GPS का आविष्कार किसने किया :-

GPS का आविष्कार रॉजर ल. इस्तान (Rogar L. Easton) ने किया था। 


जीपीएस (GPS) किस प्रकार काम करता हैं :- 

यह लगभग 30 satellites का एक नेटवर्क होता हैं जो पृथ्वी से करीब 20,000 Km दूर orbit में घूमता रहता हैं।
GPS का Accurate उपयोग करने के लिये कम से कम 4 satellites 'visible' होनी चाहिए।

प्रत्येक सैटेलाइट रेगुलर समय अंतराल पर अपनी पोजीशन तथा करंट समय की जानकारी सिग्नल के द्वारा भेजती रहती है। हमारा जीपीएस रिसीवर इस सिग्नल को रिसीव करता है तथा इस मैसेज को रिसीवर तक पहुंचने में कितना समय लगा, उसी के आधार पर कैलकुलेट करता है कि यह सैटेलाइट कितनी दूर पर स्थित है। 

एक बार पता लग जाने पर कि 3 सैटेलाइट आप से कितनी दूरी पर है त जीपीएस डिवाइस यह पता लगा लेती है कि आपकी लाइव लोकेशन क्या है। इस प्रोसेस को हम trilateration कहते हैं। 



GPS के पार्ट :-

 जीपीएस के तीन पार्ट होते हैं जो इस प्रकार से है-

  1. Space Segment 
  2. Control Segment 
  3. User Segment. 

1. Space Segment :-

यह उपग्रह रिफ्रेश करता है, 6 कक्षीय विमानों में लगभग 24 उपग्रह वितरित किए गए हैं। 

2. Control Segment :-

यह उपग्रहों को बनाए रखने तथा निगरानी करने के लिए होता है, यह पृथ्वी पर स्थित स्टेशनों को रिफ्रेश भी करता है। 

3. User Segment :-

इसका कार्य उन उपयोगकर्ताओं को रिफ्रेश करना होता है जो स्थित तथा समय की गणना करने के लिए जीपीएस उपग्रह से प्राप्त हुए नेविगेशन संकेतों को संसाधित एक करते हैं। 


जीपीएस (GPS) के उपयोग :-

जीपीएस के बहुत से उपयोग होते हैं जिनमें से कुछ इस प्रकार से हैं - 

  • अपनी लोकेशन को जानने के लिए जीपीएस का उपयोग किया जाता है। 
  • एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए भी जीपीएस का उपयोग किया जाता है। 
  • किसी भी चीज जैसे वाहन या किसी वस्तु को ट्रैक करने के लिए भी जीपीएस का उपयोग किया जाता है। 
  • विश्व का नक्शा देखने या बनाने के लिए भी जीपीएस का उपयोग किया जाता है।
  • किसी भी देश के समय का पता लगाने के लिए भी जीपीएस का उपयोग किया जाता है।
इसके अलावा जीपीएस के और भी बहुत से उपयोग होते हैं जिसका उपयोग हम अपने दैनिक जीवन में भी करते हैं।


GPS का महत्व :-

जीपीएस का हमारे जीवन में बहुत अधिक महत्व है क्योंकि इसका उपयोग हम रोज किसी न किसी कार्यों के रूप में अवश्य लाते हैं।यह एक ऐसा सिस्टम है जिसकी मदद से हम tracking, लाइव स्थिति तथा लाइव टाइमिंग आदि जैसी सुविधा का आनंद ले सकते हैं। हमारी लाइफ को सरल बनाने में GPS का महत्वपूर्ण योगदान रहा हैं। 



GPS का भविष्य :-

पिछले कुछ वर्षों में जीपीएस ने जिस तरह से perform किया हैं उसको देखकर ये कहा जा सकता हैं कि आने वाले समय में GPS का उपयोग बहुत अधिक होने वाला हैं, यह हमारे जीवन में एक अहम रोल निभाने वाला है।



आज आपने क्या सीखा :- 

आज इस आर्टिकल में हमने जीपीएस से संबंधित लगभग सभी प्रकार की जानकारियों को प्राप्त किया, इस आर्टिकल में हमने जीपीएस का फुल फॉर्म, जीपीएस क्या है, जीपीएस का इतिहास, जीपीएस के प्रकार, जीपीएस के उपयोग तथा इसके अलावा जीपीएस से संबंधित और भी बहुत सी जानकारियों को प्राप्त किया। 

उम्मीद करता हूं दोस्तों हमारा यह आर्टिकल gps ka full form आपको अच्छा लगा होगा तथा इसे पढ़कर आपको बहुत कुछ सीखने को मिला होगा। मैं आशा करता हूं दोस्तों हमारा यह आर्टिकल पढ़कर आपको आपके इस प्रश्न का उत्तर भी मिल गया होगा जिसके लिए आप हमारे इस ब्लॉग पर आए थे। 

दोस्तों हमारा यह आर्टिकल आपको कैसा लगा हमें नीचे कमेंट करके जरूर बताएं तथा यदि हमारे इस आर्टिकल से संबंधित आपके मन में कोई प्रश्न है तो वह भी हमें नीचे कमेंट करके जरूर बताएं। इसके अलावा अगर आपको हमसे कुछ पूछना चाहते हैं या आप हमसे बात करना चाहते हैं तो वह भी हमें नीचे कमेंट करके जरूर, मुझे आपके फीडबैक का इंतजार रहेगा। 

अगर हमारा यह आर्टिकल gps ka full form आपको अच्छा लगा हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ तथा सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर भी शेयर करें (धन्यवाद)

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