PO Full Form :-
हैल्लो दोस्तों! कैसे हैं आप सभी? उम्मीद करते हैं आप सब लोग स्वस्थ और मस्त होंगे। हमेशा की तरह आज भी हम आपके लिए ज्ञानवर्धक जानकारी लेकर आए हैं। जी हां! आज हम आपको PO Ka Full Form बताने जा रहे हैं।
अक्सर, आपने बैंकिंग क्षेत्र में जाने वाले प्रतियोगी छात्रों को यह कहते सुना होगा कि हम BANK PO की परीक्षा देंगे या तैयारी कर रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि banking sector में PO का क्या कार्य होता है और BANK PO बनने के लिए कौन सी परीक्षा देनी पड़ती है? यदि नहीं, तो हमारे उपयुक्त लेख से आज आपको PO ka full form के साथ अवश्य ही इस बारे में भी सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी।
BANK PO क्या है :-
BANK PO के बारे में जानने से पहले हम यह जान लेते हैं कि बैंक क्या है?
बैंक एक ऐसी संस्था है जो जनता के रुपयों को जमा करती है और उसे ऋण देने का कार्य करती है। इसके साथ ही बैंकों के द्वारा सरकारी वित्तीय सुविधाओं का लाभ लोगों तक पहुंचता है।
वर्तमान समय में Banking sector करियर के लिहाज से भी युवाओं की पहली पसंद बन गया है। जिसके चलते हर वर्ष हजारों लाखों बच्चे बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े अनेक पदों के लिए अलग-अलग परीक्षाएं देते हैं। जिनमें से BANK PO बनने के लिए भी परीक्षा कराई जाती है।
PO Ka Full Form :-
PO Ka Full Form "Probationary Officer" होता हैं जिसे हम प्रोबेशनरी ऑफिसर के नाम से जानते हैं।
- P - Probationary
- O - Officer.
PO Full Form in Hindi :-
हिंदी भाषा में Probationary Officer मतलब "परिविक्षाधीन अधिकारी या प्रमाणिकृत अधिकारी" होता है।
- पीओ - परिविक्षाधीन अधिकारी या प्रमाणिकृत अधिकारी
बैंक PO के पद पर चयनित कर्मचारी करीब दो सालों तक संबंधित बैंक की शाखा में probation period पर काम करके आगे assistant manager का पद प्राप्त करता है। तो चलिए अब हम BANK PO के कार्य, योग्यता और चयन प्रक्रिया पर विस्तार से बात करेंगे।
PO के कार्य और जिम्मेदारियां :-
- एक बैंक PO को probation period के दौरान बैंक की कार्य प्रणाली से परिचित कराया जाता है। साथ ही उसे बैंक प्रबन्धन के समस्त नियमों से भी भली भांति परिचित कराया जाता है।
- इस दौरान उसे वित्त, लेखांकन, खतौनी, खाते तैयार करना, निवेश की जानकारी, बिल बनाना, योजना बनाना, प्रबंध, ऋण देयता, रोकड़ शेष, मार्केटिंग आदि का प्रशिक्षण दिया जाता है।
- जब PO किसी बैंक में assistant manager के पद पर कार्यरत हो जाता है। तब उसे ग्राहकों के लेन देन संबंधी कार्य, पूंजी प्रबंधन, ड्राफ्ट और चेक संबंधी कार्य करने होते हैं।
- किसी बैंक में PO एक PRO (Public Relations Officer) यानि जनसंपर्क अधिकारी के रूप में भी कार्य करता है। इस दौरान यदि ग्राहकों को कोई समस्या है या उनको लेन देन में कोई समस्या आ रही है, तो उन सब बातों का निपटारा PO के द्वारा ही किया जाता है।
- किसी बैंक में PO ऋण संबंधी कागजों की जांच पड़ताल, ऋण की उपलब्धता और उसे प्रदान करने संबंधी कार्य भी करता है। इसके साथ ही एक बैंक PO एटीएम कार्ड, चेक बुक, डिमांड ड्राफ्ट इत्यादि भी प्रेषित करता है।
PO बनने के लिए आवश्यक योग्यता और चयन प्रक्रिया :-
बैंकिंग सेक्टर में विभिन्न पदों पर कर्मचारियों की नियुक्ति व चयन IBPS (institute of banking personal selections) यानि बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान द्वारा किया जाता है। उपरोक्त संस्थान के द्वारा PO पद के लिए IBPS PO और IBPS RRB PO परीक्षा कराई जाती है। जिसके लिए आवेदक में निम्न योग्यताएं होनी चाहिए, तभी वह किसी बैंक में PO के पद पर कार्यरत हो सकता है।
- बैंक PO की परीक्षा देने के लिए आवेदक की उम्र 21 से 30 साल होनी चाहिए। तो वहीं OBC को 3 साल, SC, ST को 5 साल और ईडब्ल्यूएस को 5 साल की आयु में छूट दी गई है।
- बैंक में PO बनने के लिए आवेदक के पास किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री होना जरूरी है। जिसमें आपके 55% अंक होने आवश्यक हैं। इंजीनियरिंग में स्नातक किए छात्र भी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
- सरकारी और निजी बैंकों में PO बनने के लिए आपको अलग अलग प्रक्रियाओं से होकर गुजरना पड़ता है। जहां सरकारी बैंक में PO बनने के लिए आपको परीक्षा देनी पड़ती है, तो वहीं निजी बैंकों में अगर आपने किसी अच्छे कॉलेज से MBA किया है। तो आपको बैंक का PO बनाया जा सकता है।
- किसी सरकारी बैंक में PO बनने के लिए आवेदक को फॉर्म भरने के पश्चात् तीन चरणों में परीक्षा देनी होती है। जिसे हम pre, mains or interview के आधार पर बांट सकते हैं। परीक्षा का मोड online होता है और माध्यम अंग्रेजी रहता है।
- बैंक PO की परीक्षा में आवेदक की अंग्रेजी भाषा पर पकड़, गणितीय क्षमता, कंप्यूटर ज्ञान, अर्थव्यवस्था, बैंकिंग इतिहास और तार्किक अभिक्षमता संबंधी ज्ञान की परख की जाती है, जिसके आधार पर उसे आगे mains और interview के लिए बुलाया जाता है।
PO की सैलरी :-
बात की जाएं एक बैंक PO की सैलरी की तो उसकी शुरुआती सैलरी लगभग 30,000 के पास होती है। इसके साथ उसे अनेक प्रकार के भत्ते भी प्राप्त होते हैं और उसकी सैलरी 40 हजार से अधिक हो जाती है।
किसी भी बैंक में PO बनकर आप बैंकिंग क्षेत्र में अपनी प्रगति सुनिश्चित कर सकते हैं। साथ ही एक PO अपनी probation training के बाद उपरोक्त पदों पर प्रोन्नति पा सकता है।
- Assistant manager
- Branch manager
- Senior branch manager
- Chief manager
- Assistant general manager
- Deputy general manager
- General manager
- Managing director
इस प्रकार, हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारे द्वारा दी गई उपरोक्त जानकारी अवश्य उपयोगी लगी होगी। और यदि आप भी बैंक में PO बनकर काम करना चाहते हैं, तो निर्धारित लक्ष्य के साथ जुट जाइए, इस परीक्षा की तैयारी में। समय समय पर बैंक द्वारा PO की vacancy निकाली जाती हैं।
जिसका form भरकर आप तैयारी शुरू कर सकते हैं। इसके लिए आप चाहे तो PO परीक्षा संबंधी किताबें या किसी कोचिंग संस्थान का भी सहारा ले सकते हैं। जो बैंक PO की तैयारी कराता है। ऐसे ही अन्य जानकारियां पाने के लिए हमारी वेबसाइट पर दुबारा आना न भूलें।
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