Thursday, July 8, 2021

UPS का फुल फॉर्म क्या होता हैं - यूपीएस होता क्या हैं

UPS Ka Full Form, यूपीएस क्या है, यूपीएस का मतलब क्या होता है, what is ups in hindi, ups full form, यूपीएस क्या होता है, what is the full form of ups in hindi इत्यादि जैसे प्रश्नों के उत्तर आपको इस आर्टिकल में मिल जाएंगे। 

क्या आप यूपीएस से संबंधित किसी भी प्रकार के प्रश्न के उत्तर के लिए हमारे इस ब्लॉग पर आए हैं यदि आप यूपीएस से सम्बंधित किसी भी प्रकार के प्रश्न के उत्तर के लिये इस ब्लॉग पर आये हैं तो आप बिल्कुल सही जगह आ गये। 

आज इस आर्टिकल में हम यूपीएस से संबंधित सभी जानकारियों को देने वाले हैं बस आप हमारे इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें। मैं वादा करता हूं यह आर्टिकल पढ़कर यूपीएस से संबंधित आपके मन में जितने भी प्रश्न होंगे आप को उन सारे प्रश्नों के उत्तर मिल जाएंगे। तो चलिए फिर शुरू करते हैं और यूपीएस के बारे में डिटेल्स में जानकारी प्राप्त करते हैं-


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UPS Ka Full Form :-

UPS का फुल फॉर्म "Uninterruptible Power Supply" होता हैं जिसे हम हिंदी भाषा में 'अबाधित विद्युत आपूर्ति' भी कहते हैं।

UPS एक ऐसी मशीन होती है जिसका प्रयोग बिजली के चले जाने के बाद हमारे कंप्यूटर को पावर सप्लाई देने में होता हैं अर्थात यूपीएस एक ऐसी मशीन होती है जो बिजली के कट होने के बाद भी हमारे कंप्यूटर को पावर सप्लाई देने का कार्य करती हैं जिससे हमारा कम्प्यूटर चलता हैं।



UPS Full Form in Computer :-

जैसा की ऊपर मैंने आपको बताया कि ups का फुल फॉर्म 'Uninterruptible Power Supply' होता हैं तथा इसे हिंदी में 'अबाधित विद्युत आपूर्ति' कहते हैं।

कंप्यूटर की भाषा में भी यूपीएस का यही फुल फार्म होता है तथा इसका काम ही कंप्यूटर को बिजली के कट होने के बाद पावर सप्लाई देना होता है जिससे कंप्यूटर को बिजली अर्थात पावर सप्लाई कट होने के बाद चलाया जाता है।


यूपीएस (UPS) क्या हैं :-

यूपी एक ऐसी मशीन होती है जो बिजली के चले जाने के बाद भी हमारे कंप्यूटर को पावर सप्लाई देती है, जिससे हमारा कंप्यूटर बिजली के चले जाने के बाद भी चलता रहता है। 

यूपीएस मशीन के अंदर एक बैटरी लगी होती है जो अचानक से बिजली के कट होने पर हमारे कंप्यूटर को 25 मिनट से 50 मिनट तक पावर सप्लाई देती रहती है इससे यह फायदा होता है कि हम कंप्यूटर में जो कार्य कर रहे होते हैं उसे सुरक्षित कर सकते हैं तथा कंप्यूटर को अच्छे से बंद कर सकते हैं। 



यूपीएस के प्रकार :-

यूपीएस निम्नलिखित तीन प्रकार का होता है जो निम्न प्रकार से हैं- 

  1. Standby UPS
  2. Online UPS
  3. Line Interactive UPS etc.

1. Standby UPS :-

Standby UPS को हम दूसरे नाम offline UPS के नाम से भी जानते हैं जो अचानक से पावर के कट ऑफ होने पर मिली-सेकंड में बैटरी पर स्विच कर देता हैं, Standby UPS का उपयोग मुख्य रूप से ऑफिस में कंप्यूटरों की पावर सप्लाई के लिए किया जाता है। 


2. Online UPS :-

ऑनलाइन यूपीएस अपने इनवर्टर से अनइंटरप्टेड पावर सप्लाई देता है। इसमें दो कमियां होती है पहली यह पहले वाले से महंगा होता है तथा दूसरी कमी इसमें लगे कूलिंग फेन बहुत ज्यादा आवाज करते है। 


3. Line Interactive UPS :- 

Line Interactive UPS एक Designing UPS होता हैं जिसका प्रयोग बिजनेस तथा वेब और सर्वर में किया जाता हैं। इसमें हम AC पावर कन्वर्टर यूपीएस के आउटपुट के साथ जोड़ते हैं, इस यूपीएस को हम ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों तरह से इस्तेमाल कर सकते हैं। 

यूपीएस का प्रयोग छोटे व्यवसाय में सबसे अधिक किया जाता है, जब हमारे कंप्यूटर सिस्टम में इनपुट पावर सप्लाई नहीं आप आती है तो ट्रांसफर स्विच को खोलकर इस यूपीएस की सहायता से सिस्टम या कंप्यूटर को पावर सप्लाई दिया जाता है।



यूपीएस के कार्य :- 

यूपीएस के बहुत से प्रकार के कार्य होते हैं जिनमें से कुछ निम्न प्रकार से हैं-

  • यूपीएस शॉर्ट सर्किट होने से हमारे सिस्टम को बचाता है।
  • यूपीएस सिस्टम में किसी भी प्रकार की क्षति होने पर हमारे सिस्टम की सुरक्षा करता है। 
  • यूपीएस बिजली पावर सप्लाई के कट होने पर हमारे सिस्टम को पावर सप्लाई प्रदान करता है।
  • यह एक प्रकार से अस्थिर सोर्स से पावर को मैनेज करता हैं। 
  • यूपीएस कंप्यूटर उपयोगकर्ताओं को सही ढंग स्विच करने तथा सिस्टम की बैटरी में भी सक्षम होता है। 
  • यूपीएस कंप्यूटर में अकुशल स्थित के उत्पन्न होने पर यह सिस्टम को अलर्ट भी देता है।


यूपीएस के भाग :- 

यूपीएस के बहुत से भाग होते हैं जिनकी सहायता से यूपीएस काम करता हैं। यूपीएस के कुछ भाग इस प्रकार से हैं-

  1. Rectifier 
  2. Battery 
  3. Inverter 
  4. Static switch or Contactor etc.

ये सारे यूपीएस के कुछ मुख्य भाग हैं जिसकी सहायता यूपीएस काम करता हैं, आइये इन सबके बारे में डिटेल्स में जानते हैं-

1. रेक्टिफायर (Rectifier) :- 

Rectifier एक प्रकार का सर्किट होता हैं जो पहले से ही यूपीएस सिस्टम में इनस्टॉल रहता हैं। Rectifier का मुख्य कार्य अल्टरनेटिंग करंट (AC) को डायरेक्ट करंट (DC) में कन्वर्ट करना होता है।

ऐसा इसलिए किया जाता हैं क्यूंकि बैटरी डायरेक्ट करंट (DC) से ही चार्ज होती हैं, बैटरी को चार्ज करने के लिए यूपीएस में रेक्टिफायर को इंस्टॉल किया जाता है। 


2. बैटरी (Battery) :-

यूपीएस में बैटरी पहले से इंस्टॉल किया गया रहता है, AC को DC में बदलने के बाद बैटरी में पावर सेविंग की जाती हैं। बिजली के पावर सप्लाई के कट होने के बाद किसी सिस्टम में बैटरी कि मदद से ही उस सिस्टम में पावर सप्लाई दी जाती हैं। यूपीएस में बैटरी जितनी अधिक होगी उस सिस्टम का बैटरी बैकअप भी उतना ही अधिक होता है। 


3. इन्वर्टर (Inverter) :-

यूपीएस सिस्टम में इन्वर्टर उसका एक मुख्य हिस्सा होता हैं, इनवर्टर बैटरी में संचित की गई ऊर्जा को DC से AC में परिवर्तित करने का कार्य करता है जिससे हमें तुरंत ही बिजली प्राप्त हो जाती है और सिस्टम निरंतर रूप से कार्य करता रहता है।


4. Static Switch or Contactor :- 

static switch or contactor का उपयोग पावर के सोर्स को ट्रांसफर करने करने के लिए की जाती है। इसका कार्य 10 मिली सेकंड के अंदर स्विचिंग करने वाले स्विच के लिए किया जाता है। 



यूपीएस के फायदें (Benefit of UPS) :- 

यूपीएस के बहुत से फायदे होते हैं जिनमें से कुछ निम्न प्रकार से हैं-

  • पावर सप्लाई उपलब्ध ना होने पर यह कम्प्यूटर सिस्टम को पावर देता हैं तथा इलेक्ट्रिकल सिस्टम को फिर से स्थापित करता हैं।
  • किसी कारणवश इलेक्ट्रिकल डिवाइस रुक जाने की स्थिति में यह सिस्टम के डाटा को सुरक्षित रखता है। 
  • यूपीएस की मूल इकाई फ्रेंडली होती है, बैटरी पर चलती है और लंबे समय तक बैकअप भी दे सकती है। 
  • पावर सप्लाई के अचानक बंद होने पर कंप्यूटर सिस्टम बंद हो जाता है तथा सारा डाटा भी बंद हो जाता है परंतु यूपीएस का प्रयोग करने वाले सिस्टम में पावर सप्लाई के बंद होने पर कम्प्यूटर सिस्टम बंद नहीं होते तथा डाटा भी सुरक्षित होता है। 
इसके अलावा यूपीएस के और भी बहुत से प्रकार के लाभ होते हैं। 


यूपीएस से नुकसान :-

यूपीएस से हमें फायदे तो बहुत होते हैं परंतु इससे हमें कुछ नुकसान भी होते हैं, यूपीएस से हमें जो नुकसान होते हैं वह इस प्रकार से है-

  • यूपीएस की बैटरी ज्यादा लंबे समय तक नहीं चल पाती है तथा जरूरत पड़ने पर हमें इसको बदलना भी पड़ता है।
  • यूपीएस सिस्टम में यूपीएस बैटरी को अधिक समय तक के लिये चार्ज भी रखना पड़ता हैं नहीं तो वह कुछ ज्यादा अच्छा-खासा बैकअप नहीं दे पाती हैं।
यूपीएस से हमें ऊपर दिए गये नुकसान भी होते हैं।



निष्कर्ष :- 

इस आर्टिकल को पढ़कर यही निष्कर्ष निकलता है कि यूपीएस सिस्टम हमारे कंप्यूटर सिस्टम का एक महत्वपूर्ण भाग होता हैं, क्योंकि किसी कारणवश पावर सप्लाई बंद होने के बाद यूपीएस हमारे सिस्टम को कुछ समय के लिए पावर सप्लाई देता है जिससे हम उस समय में आसानी से अपने डेटा को सुरक्षित कर लेते हैं तथा कंप्यूटर सिस्टम को अच्छे से बंद भी कर देते हैं, जिससे हमें कई सारी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता है।


आज आपने क्या सीखा :- 

आज इस आर्टिकल में हमने यूपीएस से संबंधित बहुत सी  प्रकार की जानकारियों को प्राप्त किया इस आर्टिकल में यूपीएस का फुल फॉर्म, यूपीएस क्या है, यूपीएस कितने प्रकार का होता है, यूपीएस के लाभ तथा यूपीएस से हानि के बारे में जानकारी प्राप्त की।

अगर आपने हमारे इस आर्टिकल को पूरा पढ़ा होगा तो अब तक आपको यूपीएस से संबंधित बहुत सी प्रकार की जानकारियां प्राप्त हुई होंगी। मैं आशा करता हूं दोस्तों आपको उस प्रश्न का उत्तर भी मिल गया होगा जिसके लिए आप हमारे इस आर्टिकल पर आए थे। 

दोस्तों हमारा यह आर्टिकल ups ka full form आपको कैसा लगा हमें नीचे कमेंट करके जरूर बताएं तथा हमारे इस आर्टिकल से संबंधित यदि आपके मन में कोई प्रश्न है तो उसे भी नीचे कमेंट करके जरूर बताएं। 

यदि आप हमारे यूपीएस से संबंधित आर्टिकल पर हमें कोई सुझाव देना चाहते हैं या इससे संबंधित आप हमसे कुछ पूछना चाहते हैं तो उसे भी नीचे कमेंट करके बताएं, मुझे आपके फीडबैक का इंतजार रहेगा। 

अगर हमारा यह आर्टिकल आपको अच्छा लगा हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ तथा सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर भी शेयर करें। इसी प्रकार की और नई-नई जानकारियां पाने के लिए आप हमारे इस ब्लॉग (www.Hindima.in) पर विजिट करते रहे (धन्यवाद)

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